एक नया विहान

हमारे आई.आई.टी.(बी.एच.यू.) के साहित्य सभा ने अपना ब्लॉग शुरु किया है। अब मेरी बहुत सारी रचनाएँ यहाँ भी मिलेंगी। यह भी मेरी ही कलम की उपज है।

The 🔥 Club

बड़ी खुशी की बात है कि साहित्य सभा, आई.आई.टी.(बी.एच.यू.) ने अपना यह ब्लाॅग शुरु किया है।

हिन्दी और अंग्रेज़ी भाषाओं में कहानी, कविता, निबंध, साहित्यिक आलोचना, फिल्म समीक्षा, संस्मरण, यात्रा-वृतांत, इत्यादि के रूप में हमारी रोचिभूषित रचनाओं का हर वक्त आपको इंतज़ार रहे, यही इस ब्लॉग का हासिल होगा।

आपको हमारी सभा के अजस्र-शब्द-वृष्टि-निरत सारे साहित्यिक बंधु अलग-अलग प्रकार की रचनाओं की सौग़ात देते रहेंगे। हमारी रचनाओं में कभी परंपराओं के बंधन में बंधे रहने का संदेश मिलेगा, तो कभी परंपराओं की होलिका भी जलेगी। सामाजिक बंधनों और समाज के तक़ाज़ों से अप्रभावित अपनी मनमर्जी के जीवन की झलक मिलेगी। कभी शारदा के सितार और विष्णु के शंख की मधुरता दिखेगी, रति की सूरत और स्वर्ग की झाँकी की सुंदरता दिखेगी, गंगा के पानी और सावित्री के दामन की पवित्रता दिखेगी, तो कभी सपनों के खंडहर के ऊपर बेबस, लाचार, भटकती, टूटती, रोती ज़िन्दगी। कभी माशूक़ा के दिल का कुंदन…

View original post 419 more words

Advertisements

6 thoughts on “एक नया विहान

  1. बेहतरीन लेखन, अग्रिम भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनायें

    Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s